
नई दिल्ली। छठ पूजा सूर्य को समर्पित एक त्योहार है जो कई भारतीय राज्यों और यहां तक कि देश के बाहर भी मनाया जाता है। इस साल यह त्योहार 5 से 8 नवंबर तक मनाया जाएगा। छठी मैया की उपासना के छठ महापर्व की तैयारियों में कोई कमी न रह जाए, इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री आतिशी सोमवार को सरकार की छठ घाटों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए ग्राउंड जीरो पर उतरीं। आतिशी ने आईटीओ स्थित छठ घाट का अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने तैयारियों की जानकारी ली। आतिशी ने इस मौके पर कहा कि छठी मैया की उपासना के इस महापर्व की तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि 2014 तक पूरी दिल्ली में सरकार द्वारा मात्र 60 स्थानों पर होता था छठ पूजा का आयोजन। अब उनकी सरकार द्वारा 1000 से अधिक घाटों पर छठ महापर्व धूमधाम से मनाया जाता है ।
इस बार छठ पूजा 5-8 नवंबर को मनाया जाएगा
छठ पूजा सूर्य को समर्पित एक त्योहार है जो कई भारतीय राज्यों और यहां तक कि देश के बाहर भी मनाया जाता है। इस साल यह त्योहार 5 से 8 नवंबर तक मनाया जाएगा।
CM आतिशी ने 7 नवंबर को घोषित किया अवकाश
डीडीए एक वैधानिक निकाय है जो भारत सरकार के आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। आतिशी ने दावा किया कि दिल्ली विकास प्राधिकरण ग्रेटर कैलाश के छठ घाट में लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा रहा है। इससे पहले, आतिशी ने छठ पूजा के लिए 7 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की। इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दिल्ली के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार बताया।
इस त्योहार में महिलाओं की अधिक भागीदारी दर देखी जाती है। इसे धूमधाम से मनाया जाता है और इसे घरेलू कामों से छुट्टी लेने और तरोताजा होने का अवसर भी माना जाता है। यह मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के कुछ हिस्सों के साथ-साथ इन क्षेत्रों के प्रवासी लोगों द्वारा मनाया जाता है।
आतिशी ने कहा कि छठ का त्यौहार पूर्वांचली भाइयों-बहनों के लिए सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार है। छठी मैया के साथ पूर्वांचली भाइयों-बहनों के साथ-साथ सभी दिल्लीवालों की आस्था भी जुड़ी हुई है।
बता दें कि इन घाटों पर तालाब बनाने से लेकर यहां टेंट, लाइट, साफ-सफाई, सुरक्षा आदि सभी चीजों का इंतजाम दिल्ली सरकार द्वारा किया जा रहा है। साथ ही बहुत से घाटों पर मैथली-भोजपुरी अकादमी द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा। ताकि श्रद्धालु खुशी, सुकून और उल्लास के साथ आस्था के महापर्व छठ को मना सकें।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तेजी के साथ सभी छठ घाट तैयार किए जाएं ताकि आखिरी दिन के लिए कोई काम न बचे और श्रद्धालुओं को कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।
छठ पूजा की तैयारियां जोरों पर, घाटों का किया जा रहा सुंदरीकरण
राष्ट्रीय राजधानी में छठ पूजा की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। छठ घाटों पर साफ-सफाई के साथ टेंट लगाए जा रहे हैं। यमुना किनारे आईटीओ समेत दिल्ली के रिहायशी इलाकों में शासन द्वारा बनाए जा रहे कृत्रिम घाटों को मिट्टी डालकर समतल किया जा रहा है। पुराने घाटों से मिट्टी निकालकर उन्हें साफ किया जा रहा और रंग रोगन का भी कार्य चल रहा है। हालांकि, इस वर्ष भी एनजीटी के आदेशों के अनुसार यमुना में पूजा की मनाही रहेगी।
यमुना के जलस्तर से ऊंचा बनाया गया घाट
व्रती न तो यमुना में स्नान कर सकेंगे और न ही यमुना में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य और उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दे सकेंगे। यमुना में कोई न जा सके, इसलिए यमुना के जलस्तर से ऊंचा घाट बनाया गया है। साथ ही बांस बल्ली लगाकर यमुना में प्रवेश को प्रतिबंधित किया गया है।
घाटों पर लोग सात नवंबर को आएंगे, जहां सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इसलिए उससे पहले सभी व्यवस्था दुरुस्त कराई जा रही है। एमसीडी सभी घाटों पर फागिंग करेगी। मध्य दिल्ली जिलाधिकारी क्षेत्र में 38 कृत्रिम घाट तैयार किए जा रहे हैं। आईटीओ घाट भी मध्य दिल्ली जिला प्रशासन के अंतर्गत आता है। ऐसे में यह घाट काफी विशेष माना जाता है, क्योंकि यहां डेढ़ लाख के करीब श्रद्धालु आते हैं।




